
रांची:: मेन रोड रांची संकटमोचन मंदिर के महंत महामंडलेश्वर सूर्यनारायण दास महात्यागी जी महाराज आज नश्वर शरीर त्यागकर परमधाम को चले गये। दो दिन पहले हृदय में संक्रमण के कारण उन्हें ऑर्किड चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। आज तड़के उन्होंने अंतिम श्वास लिया।

उनके पार्थिव शरीर को चडरी तालाब के पास हनुमानजी के मंदिर में लाया गया। वहाँ से केशव दास जी महाराज उन्हें लेकर वाराणसी प्रस्थान कर गये। इस अवसर पर स्वामी उमेशानन्द, तपोवन मंदिर के महंत ओम प्रकाश शरण, स्वामी दिव्यानन्द, भरतदास जी के प्रतिनिधि सहित अन्य संत एवं भक्तों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। त्यागीजी महाराज लंबे समय तक संकटमोचन मंदिर के महंत रहे। वे लगातार मंदिर को भव्य रूप देने में लगे रहे। उन्होंने मंदिर में माता बगलामुखी की स्थापना की। समय- समय पर मंदिर में यज्ञ – अनुष्ठान भी होते रहे। विश्व हिन्दू परिषद को उनका स्नेह – आशीर्वाद सदा मिलता रहा।

उनके परमगति की जानकारी मिलने पर विहिप संत मार्गदर्शक मंडल के संयोजक कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी, क्षेत्र धर्माचार्य संपर्क प्रमुख वीरेन्द्र विमल, महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी, एवं स्वामी दिव्य ज्ञान ने सनातन धर्म हेतु उनके कार्यों का स्मरण करते हुए उनके प्रति हार्दिक श्रद्धाँजलि व्यक्त किया।