
सिल्ली: गोला–मुरी फोरलेन सड़क निर्माण प्रोजेक्ट में भूमि अधिग्रहण के मुआवजा से नाराज़ रैयतों का आक्रोश तेज हो गया है। पुर्व जिप सदस्य गौतम कृष्ण साहु एवं मुखिया सोमरा मांझी के नेतृत्व काफी संख्या में रैयत सोमवार को अंचल कार्यालय पहुंचे और अंचल अधिकारी से मिलकर अपनी समस्याएं रखीं। रैयतों ने साफ कहा कि उन्हें पहले आश्वासन दिया गया था कि वर्तमान बाजार दर का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा, लेकिन अब प्रति डिसमिल 4000, 7000,16000 रुपए की जो राशि बताई जा रही है, वह बेहद कम है और किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।

रैयतों ने नाराज़गी जताते हुए कहा—अगर सरकार या भू-अर्जन विभाग हमें ₹4000 में कहीं प्लॉट दिला दे, तो हम वहीं जाकर बसने को तैयार हैं।रैयतों का यह भी कहना है कि भू अर्जन की धारा 37(2) के तहत दो साल बाद नोटिस में दी गई यह राशि उनके साथ अन्याय है। साथ ही उन्होंने मांग की कि जिनकी जमीन जीरो प्लॉट में चली गई है, उसका सुधार किया जाए, ताकि वे मुआवजा से वंचित न रहें। इधर अंचल अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मुआवजा निर्धारण उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, यह पूरी तरह भू-अर्जन विभाग का मामला है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि जमीन से जुड़ी गड़बड़ियों को दूर करने के लिए कैंप लगाकर निर्धारित समय सीमा में सुधार किया जाएगा। वहीं रैयतों चेतावनी देते हुए कहा कि वे मंगलवार को उपायुक्त एवं भू अर्जन पदाधिकारी के समीप अपनी मांगों को रखेंगे। बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई, तो वे आगे उग्र आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। इस मौके पर पंचानन साहू, शिबू महतो, वार्ड सदस्य रविन्द्र कुमार, मो फारुख, शरद महतो, गुहीराम मांझी, मो असलम, ठाकुर महतो, करुणा साहु, विजय महतो मंगलनाथ महतो समेत काफी संख्या में रैयत उपस्थित थे।