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सिल्ली अंचल में फिर ACB का शिकंजा, 50 हजार की रिश्वत लेते अमीन रंगे हाथ गिरफ्तार

2 लाख रुपये नकद और 4 डिसमिल जमीन मांगने का आरोप, कार्रवाई से अंचल कार्यालय में मचा हड़कंप

सिल्ली/रांची: सिल्ली अंचल कार्यालय एक बार फिर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में है। गुरुवार को एसीबी की टीम ने अंचल कार्यालय में पदस्थापित अमीन विनोद लोहरा को कथित तौर पर 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई के बाद पूरे अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया।जमीन की मापी के बदले मांगी बड़ी रकमएसीबी के अनुसार, एक व्यक्ति अपनी जमीन की मापी कराने के लिए अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहा था।

आरोप है कि जमीन की मापी कराने के एवज में अमीन ने उससे 2 लाख रुपये नकद और 4 डिसमिल जमीन की मांग की थी। कथित रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत रांची स्थित एसीबी कार्यालय में की।सत्यापन के बाद ACB ने बिछाया जालशिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद टीम ने अमीन को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

योजना के अनुसार शिकायतकर्ता 50 हजार रुपये की पहली किस्त लेकर अमीन के पास पहुंचा।रुपये लेते ही टीम ने दबोचाएसीबी के मुताबिक, जैसे ही अमीन ने कथित तौर पर रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से मौके पर मौजूद एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद टीम आरोपी अमीन को अपने साथ रांची ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।सात महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई। सिल्ली अंचल कार्यालय में रिश्वतखोरी का यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे पहले फरवरी 2026 में इसी अंचल कार्यालय के अमीन गणेश महतो को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते ACB ने गिरफ्तार किया था।

वह मामला जमीन की मापी और नक्शे से संबंधित था। बाद में सितंबर 2026 में एसीबी कोर्ट ने गणेश महतो की जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी।एक ही कार्यालय में बार-बार कार्रवाई से उठे सवालकुछ ही महीनों के अंतराल में एक ही अंचल कार्यालय के अमीन पर रिश्वत के आरोप में दूसरी बड़ी एसीबी कार्रवाई होने से राजस्व से जुड़े कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जमीन की मापी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आम लोगों को सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है और ऐसे मामलों में रिश्वत की शिकायत सामने आने से व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।

फिलहाल एसीबी की कार्रवाई के बाद आरोपी अमीन से पूछताछ और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

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