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मजदूरों पर दमन के खिलाफ रांची में गरजे श्रमिक संगठन, अल्बर्ट एक्का चौक पर भरी हुंकार।

रांची। संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच, झारखंड के बैनर तले शनिवार को राजधानी रांची में मजदूरों की विशाल एकजुटता रैली निकाली गई। जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू हुई यह रैली सरकार-विरोधी और मजदूर-एकता के गगनभेदी नारों के साथ अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई। सभा की अध्यक्षता एटक के अजय सिंह ने की।

अल्बर्ट एक्का चौक पर नेताओं ने हुंकार भरते हुए कहा, “मजदूर का दमन किसी कीमत पर नहीं होने देंगे।” सभा को संबोधित करते हुए भाकपा के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक, एटक के चंदेश्वर सिंह, एक्टू के शुभेंदु सेन, सीटू के अनिर्माण बॉस और इंटक के लीलाधर सिंह ने केंद्र व राज्य सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों पर तीखा हमला बोला।

देशव्यापी आंदोलन से एकजुटता नेताओं ने कहा कि गुड़गांव-मानेसर, नोएडा, फरीदाबाद, भिवाड़ी और पानीपत सहित देश के कई औद्योगिक क्षेत्रों में लाखों मजदूर स्वत:स्फूर्त आंदोलन कर रहे हैं।

उनकी बुनियादी मांग सिर्फ उचित वेतन और कानूनन प्राप्त अधिकारों की बहाली है। वक्ताओं ने दोहराया कि यह आंदोलन किसी बाहरी उकसावे की उपज नहीं, बल्कि वर्षों से जारी शोषण, उपेक्षा और वादाखिलाफी का स्वाभाविक परिणाम है।

झारखंड में चार लेबर कोड का विरोध : संयुक्त मंच ने झारखंड सरकार को चेतावनी दी कि वह चारों श्रम संहिताओं को राज्य में लागू करने की कोशिश न करे। नेताओं का आरोप है कि ये कोड ‘हायर एंड फायर’ को कानूनी जामा पहनाते हैं, काम के घंटे 12 तक बढ़ाते हैं, यूनियन बनाना मुश्किल करते हैं और ठेका प्रथा को बढ़ावा देते हैं। इससे मजदूर पूरी तरह मालिकों के रहमो-करम पर आ जाएंगे।

मौजूदा हालात पर चिंता : सभा में बताया गया कि एनसीआर के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर आज भी 10-11 हजार रुपये मासिक पर 8 से 13 घंटे काम करने को मजबूर हैं। न साप्ताहिक छुट्टी मिलती है, न ओवरटाइम का पैसा। कैंटीन में घटिया खाना और कार्यस्थल पर कदम-कदम पर अपमान आम बात है। भयंकर महंगाई में इतने कम वेतन से परिवार चलाना असंभव है। ऊपर से ईरान-इजराइल-अमेरिका तनाव के बाद गैस-पेट्रोल के दाम बेतहाशा बढ़ने से मजदूरों की कमर टूट गई है।

आगे की रणनीति : सभा के जरिए ऐलान किया गया कि यदि सरकार ने मजदूर-विरोधी कदम वापस नहीं लिए और दमन जारी रहा तो आंदोलन को राज्य के कोने-कोने तक ले जाया जाएगा। एटक, इंटक, सीटू, एक्टू समेत सभी घटक संगठन गांव-गांव, कारखाना-कारखाना अभियान चलाकर मजदूरों को लामबंद करेंगे। रैली में रांची के अलावा बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर, रामगढ़ और हजारीबाग से हजारों मजदूर, ठेका कर्मचारी, स्कीम वर्कर और असंगठित क्षेत्र के लोग शामिल हुए। लाल झंडों और बैनरों से अल्बर्ट एक्का चौक पाट गया। सभा के अंत में ‘मजदूर एकता जिंदाबाद’, ‘चार लेबर कोड वापस लो’, ‘दमन नहीं सहेंगे’ जैसे नारों के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ।इस रैली में मुख्य रूप से एटक के पंकज कुमार, सुनीता खलको, सरिता किंडो,संजय राय, मुनि कुजूर, संजय राम, चमेली,मंजू,मिंटू पासवान,सीटू के प्रतीक मिश्रा, भवनसिंह, एम ल सिंह, सुखनाथ लोहारा,प्रफुल्ल लिंडा,गोपाल सिंह,सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।

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