
सिल्ली: सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी), सिल्ली के प्रसूति वार्ड में रविवार दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जर्जर छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया।
गनीमत रही कि घटना के समय कमरे में कोई मरीज मौजूद नहीं थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।जानकारी के अनुसार, प्रसूति वार्ड में ड्यूटी पर तैनात एएनएम पिंकी कुमारी, गुंजा रोण्डा और फुजेंसिया खाखा एक मरीज की जांच कर कुछ ही सेकंड पहले कमरे से बाहर निकली थीं। तभी तेज आवाज के साथ छत का प्लास्टर टूटकर सीधे बेड पर आ गिरा। आवाज सुनते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा आसपास के लोग मौके पर जुट गए।
रविवार होने के कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या अन्य दिनों की अपेक्षा कम थी। यदि वार्ड में कोई प्रसूता भर्ती होती या उपचार चल रहा होता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रियंका कुमारी सिन्हा ने बताया कि अस्पताल भवन काफी पुराना हो चुका है और कई स्थानों से प्लास्टर झड़ रहे हैं। ओपीडी कक्ष की स्थिति भी खराब है।
जल्द ही आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी। साथ ही अस्पताल को नए भवन में स्थानांतरित करने के लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब अस्पताल भवन के कई हिस्से जर्जर हो चुके हैं, तो मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय रहते आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए? स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।