
सिल्ली प्रखंड की गोराडीह पंचायत के अंतर्गत खेरवाड़ा गांव में जल संसाधन विभाग द्वारा बनाए गए डैम के टूटने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इससे किसानों की आजीविका पर भारी संकट आ गया है। डैम के अचानक टूटने से भारी मात्रा में पानी सीधे आसपास के खेतों में जा घुसा, जिससे लगभग 10 गांवों के किसानों की फसलें पूरी तरह तबाह हो गईं।
मुख्य बिंदु:
फसल का भारी नुकसान: धान और अन्य मौसमी तैयार फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो गईं। किसानों ने अपनी गाढ़ी कमाई और महीनों की कड़ी मेहनत से खेती की थी, जो अब बर्बाद हो चुकी है।
लापरवाही का आरोप: ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि जल संसाधन विभाग की लापरवाही और डैम की समय पर देखरेख व मरम्मत न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
किसानों की मुख्य मांगें:
डैम टूटने के कारणों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए।
क्षतिग्रस्त डैम की तत्काल मरम्मत की जाए ताकि आगे और खतरा न टले।
प्रशासन द्वारा तुरंत नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो उन्हें मजबूरन बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। अचानक आई इस आपदा से किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई हुई है और वे आर्थिक मदद की आस लगाए बैठे हैं।
सोशल मीडिया और वेबसाइट के लिए हैशटैग्स (Hashtags):
#SilliNews #KherwadaDam #JharkhandNews #FarmersProtest #CropLoss #WaterResourcesDepartment #DamBreak #JharkhandFarmers #SilliPrakhand #GoradihPanchayat #NewsUpdate #LocalNews