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हॉकी प्रेमियों , खिलाड़ियों और आदिवासी- मूलवासी संगठनों के अगुवा गणों ने निकाला विरोध मार्च, निष्पक्ष जांच और खेल में पारदर्शिता की मांग

आज रांची में झारखंड के पूर्व राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों तथा विभिन्न खेल संगठनों से जुड़े लोगों ने हॉकी प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं खिलाड़ियों के सम्मान की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला।

यह मार्च जयपाल सिंह स्टेडियम से प्रारंभ होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों, पूर्व खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों ने भाग लिया और हॉकी से जुड़े हालिया विवादों तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पूर्व भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान असुंता लकड़ा द्वारा उठाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और खिलाड़ियों का विश्वास खेल व्यवस्था में बना रहे। हाल के दिनों में इन आरोपों के संबंध में जांच की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। (Outlook India⁠)

मार्च में शामिल पूर्व खिलाड़ियों ने यह भी मांग की कि हॉकी झारखंड में सदस्यता, चुनाव प्रक्रिया एवं प्रशासनिक कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा खिलाड़ियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी, विशेषकर महिला खिलाड़ियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उन्हें सुरक्षित एवं निष्पक्ष वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध व्यक्तिगत अभियान चलाना नहीं, बल्कि हॉकी में सुशासन, पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा खिलाड़ियों के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।

मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ तथा प्रतिभागियों ने खेल और खिलाड़ियों के हित में अपने संघर्ष को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया।
समाजिक कार्यकर्ता निरंजना हेरेंज टोप्पो ने कहा भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान
असुंता लकड़ा जी का अपमान नहीं बर्दाश्त करेगे क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त करने के बाद भी आदिवासी बेटी होने का दंश झेल रहे हैं।
अजय टोप्पो ने कहा तत्काल भोला सिंह को बर्खास्त करें।


हांकी में पारदर्शिता रखा जाए।
सामाजिक संगठन बाहा लिंडा, राहुल तिर्की, आकाश तिर्की, प्रेम शाही मुंडा, पीसी मुर्मू, राकेश बड़ाईक, बृज किशोर बेदिया, संगीता कच्छप , क्रिस्टो कुजूरऔर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी मनोहर टोपनो, कमल सोरों, जोसफ लुगुन, मनोहर कुल्लू, जयंत केरकेट्टा, जोसफ लुगुन, वीरेंद्र लकड़ा, पुष्पा लकड़ा, कांति लकड़ा, विनय मुंडा, तिलोसफर। एक्का,सुमराई टेटे , शशि टोपनो आदि विरोध मार्च में शामिल हुए।

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